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IVF या टेस्ट ट्यूब बेबी ट्रीटमेंट Test tube baby centre in punjab में क़ुछ इस प्रकार से दी जाती है :

IVF या टेस्ट ट्यूब बेबी ट्रीटमेंट Test tube baby centre in punjab में क़ुछ इस प्रकार से दी जाती है :

टेस्ट ट्यूब बेबी कैसे किया जाता है

Quick Inquiry

  • अंडाशय उत्तेजना

आपको 8 से 14 दिन के लिए गोंडोट्रोपिन लेना पड़ेगा और यह आपको मासिक धर्म चक्र (menustral cycle) के करीब लेनी है | इस दवाई की मदद से अंडाशय में कई परिपक्व अंडे बनने शुरू हो जाते हैं | जब आप यह दवाएँ ले रही है तो आपको हर 2 या 3 दिन IVF centre In Punjab जाना होगा | अल्‍ट्रासाउंड की मदद से डॉक्टर यह चेक करेगी की सब सही से हो रहा है | अंडो को निकलने से पहले लगभग 36 घंटे पहले एक ट्रिगर शॉट दिआ जाएगा |

  • अंडा संग्रह

डॉक्टर आपको एनेस्थीसिया देंगे और योनि में अल्ट्रासाउंड प्रोब की सहायता से ओवरीज़ को देखंगे ताकि अंडो को देखा जा सके | बहुत ही बारीक नीडल से करीबन 15 अंडो को निकाला जाता है | कई महिलाओं को इसके बाद ऐंठन और खोलना (Cramping एंड Spotting) होती है , जो की नार्मल है |

  • निषेचन

एम्ब्र्योलॉजिस्ट यह चेक करेंगे की कोनसे अंडे और स्पर्म को मिलाने से निषेचन (fertilization) की सफलता बढ़ेगी | उसके बाद उनको इनक्यूबेटिंग में पूरी रात के लिए रखा जाता है |

अगर पुरुष को इनफर्टिलिटी के समस्या है तो डॉक्टर इंट्रा साइटोप्लाज्मिक शुक्राणु इंजेक्शन (ICSI) ट्रीटमेंट की मदद लेते हैं | जिसमे की एक सिंगल स्पर्म परिपक्व अंडे में इंजेक्ट किया जाता है |

  • भ्रूण का विकास और भ्रूण स्थानांतरित करना

अंडो को 3 दिन निकलने के बाद , एक स्वस्थ भ्रूण (embryo) का विकास होता है | जब एक भ्रूण 5 दिन में पहुँच जाता है तो उसको ट्रांसफर किआ जाता है | जब डॉक्टर यह प्रोसीजर कर रहे होते हैं तो आपको एनेस्थीसिया देने की भी कोई ज़रुरत नहीं होती है |

  • सफल प्रत्यारोपण

यदि उपचार काम करता है, अपने गर्भाशय की दीवार में एक भ्रूण प्रत्यारोपण और एक बच्चे के रूप में विकसित होता है | यदि एक से अधिक भ्रूण स्थानांतरित हो जाता है, तो गर्भावस्था की आपकी संभावना अधिक है, लेकिन कई गर्भावस्था के साथ टेस्ट ट्यूब बेबी के माध्यम से पैदा होने वाले लगभग 20% बच्चे जुड़वां, तीन या अधिक हैं।

टेस्ट ट्यूब बेबी क्या है?

टेस्ट ट्यूब बेबी ट्रीटमेंट उन लोगों के लिए है जो की किसी कारण से खुद गर्भवती नहीं हो पा रहें है | इसकी मदद से पुरे विश्व में बहुत सारे जोड़ों को संतान पाना का सुख मिला है |

टेस्ट ट्यूब बेबी का खर्च कितना होता है?

भारत में इस ट्रीटमेंट की लागत बाकि देशों के मुकाबले बहुत ही कम है | फर्टिलिटी डॉक्टर आपकी सेहत को ध्यान में रखते हुए और इनफर्टिलिटी के कारण को जानने के बाद इसकी कीमत आपको बताएँगे |

क्या टेस्ट ट्यूब बेबी प्रक्रिया दर्दनाक है?

यह ट्रीटमेंट दर्दनायक नहीं है , जैसे की एक नार्मल प्रेगनेंसी में एक महिला को कुछ चीज़ों का सामना करना पड़ता है वैसे ही इसमें भी होता है | डॉक्टर की सलाह को आप ध्यान में हमेशा रखें और अगर कोई भी समस्या हो तो जल्दी से डॉक्टर को सम्पर्क करें |

टेस्ट ट्यूब बेबी का खर्च 2021

भारत में टेस्ट ट्यूब बेबी का खर्च लगभग 75 लाख से शुरू हो सकता है या कई बार उससे कम भी हो सकती है|

सरकारी टेस्ट ट्यूब बेबी केंद्र का नंबर

सरकारी टेस्ट ट्यूब बेबी केंद्र का नंबर 83373 है |

टेस्ट ट्यूब बेबी तकनीक के जनक

टेस्ट ट्यूब बेबी का सफल प्रोसीजर रॉबर्ट एडवर्ड्स और पैट्रिक स्टेपटो (gynecologist) ने 1978 किआ था |

जो की इंग्लैंड में हुआ था |

टेस्ट ट्यूब बेबी की परिभाषा?

टेस्ट ट्यूब बेबी एक फर्टिलिटी ट्रीटमेंट है जिसमे की स्पर्म और अंडे को एक साथ प्रयोगशाला में रखा जाता है | जिससे की भ्रूण बनता है और उसके गुण देखने के बाद, सबसे अच्छे भ्रूण को चुना जाता है | टेस्ट ट्यूब बेबी की सहायता से बहुत सारे निःसंतान दंपती को मदद मिली है |

भारत का पहला टेस्ट ट्यूब बच्चा कौन था?

भारत की सबसे पहली टेस्ट ट्यूब बच्ची दुर्गा” (कनुप्रिया अग्रवाल) थी | भारत के सबसे पहले टेस्ट ट्यूब बेबी के चिकित्सक डॉ सुभाष मुखोपाध्याय ने 3 अक्टूबर, 1978 को इस ट्रीटमेंट को सफल तरीके से किआ था |

विश्व में सबसे पहला टेस्ट ट्यूब बेबी का जन्म कब हुआ था?

विश्व में जिस बच्चे का जन्म इस तकनीक से सबसे पहले हुआ उसका नाम लुईस ब्राउन (Louise Brown) था | पुरे विश्व में फर्स्ट टेस्ट ट्यूब बेबी जो की सफल हुआ था, वह 1978 में था | उसके बाद से इस ट्रीटमेंट की बदौलत बहुत सारे बच्चों का जन्म हुआ है |